Thursday, December 15, 2011

" मंजिल भी तेरी थी और रास्ता भी तेरा था ".



मंजिल भी तेरी थी और रास्ता भी तेरा था,

एक तेरा प्यार पा लू बस यही सपना मेरा था,

एक हम अकेले रह गए और पूरा संसार तेरा था,

साथ साथ रहने की सोच भी तेरी थी,फिर अकेले छोड़ जाने का ख्याल भी तेरा था,

हाथो में हाथ लेकर मुझे हसाने की कसम भी तेरी थी,

फिर मेरी आँखों में आंसुओ का सिलसिला भी तेरा था,

हम क्यू यहाँ तनहा रह गए,मेरा दिल सवाल करता है,

किस्मत तेरी थी पर क्या खुदा भी तेरा था ?

खुदा बोला उसपे ऐतबार करने की गलती तेरी थी,

उसे दोस्त बनाने का ख्याल भी तेरा था,उसे चाहने की गलती भी तेरी थी,

उसे अपनाने का ख्याल भी तेरा था,उसे क्यू गम हो तेरे दूर जाने का ?

क्या उसने कभी कहा था वो सिर्फ तेरा था.................????????

Wednesday, August 3, 2011

" मैं नाम तलाश रहा हूँ "

कुछ बहुत गहरा
बहुत अलग
बहुत ख़ास
एहसास है वो
जो तुमसे जुड़ा है...ये वो फ़िक्र नहीं
जो एक दोस्त के लिए
महसूस होता है, ही ये वो प्यार है,
"
शादी" जिसका अंतिम पड़ाव
माना जाता है नहीं, इस परिधि में भी
नहीं समेट पाता मैं
इस रिश्ते को
तुम्हें पाने की कभी
ख्वाहिश नहीं हुई,शायद इसलिए...क्योंकि कभी लगा ही नहीं
तुम दूर हो,चाहा की तुम्हें भुला दूं
पर भूलूँ भी तो क्या !तुम्हें कभी
याद ही नहीं किया मैंने...
बहुत सोचा ये क्या रिश्ता है
तुम्हारा मुझसे...की जानना चाहता हूँ
"
तुम कैसे हो ?"दुआ करता हूँ
"
तुम खुश रहो ?"अपनी ज़िन्दगी का हिस्सा बनाने की तम्मना नहीं तुम्हें...अपना ही हिस्सा बना बैठा हूँ !
आस-पास की कई नज़रें
सवाल करती हैं मुझसे...क्या कहूँ ,क्या नाम दूँ,
मैं नाम तलाश रहा हूँ...ऐसा कुछ सूझता ही नहीं...जिससे बाँध सकूं तुम्हें
किसी अदने से रिश्ते में...

Wednesday, May 4, 2011

" दोस्ती "


क्या खबर तुम को दोस्ती क्या है, ये रौशनी भी है अँधेरा भी है,
ख्वाहिशों से भरा जजीरा भी है,बोहत अनमोल एक हीरा भी है
दोस्ती एक हसीन ख्वाब भी है,पास से देखो तो सरब भी है
दुःख मिलने पे यह अज़ब भी है,और यह प्यार का जवाब भी है
दोस्ती यूँ तो माया जाल भी है,एक हकीकत भी है ख्याल भी है
कभी फुरक़त कभी विशाल भी है,कभी ज़मीन कभी फलक भी है
दोस्ती झूट भी है सच भी है,दिल मैं रह जाये तो कसक भी है
कभी ये हार कभी जीत भी है,दोस्ती साज़ भी संगीत भी है
शेर भी नज़म भी गीत भी है,वफ़ा क्या है वफ़ा भी दोस्ती है
दिल से निकली दुआ भी दोस्ती है,बस इतना समझ लो तुम
प्यार की इन्तहा भी दोस्ती है ……!!!!!!

Wednesday, April 27, 2011

" बहाने धुंडते हैं "


किताबों में मेरे फ़साने धुंडते  हैं,
नादान हैं गुज़रे ज़माने धुंडते हैं,जब वो थे तलाश--जिंदगी भी थी,
अब तो मौत के ठिकाने ढूंढते हैं,कल खुद ही अपनी महफ़िल से निकला था,
आज हुए से दीवाने धुंडते हैं,मुसाफिर बेखबर हैं तेरी आँखों से,
तेरे शहर में मयखाने धुंडते हैं,तुझे क्या पता -सितम धाने वाले,
तेरे दिए ज़ख्मों में प्यार के नजराने धुंडते हैं,निकल आते हैं अश्क हँसते हँसते,
हम तो रोने के बहाने धुंडते हैं......!!!!!!!!!

Tuesday, April 26, 2011

" पहली मोहब्बत "

खुवाब झूठे किसी को दिखाया नही करते,

मेरे दोस्त ! यूँ किसी को सताया नही करते,

एक बार यूँ किसी को कह कर अपना,

दामन फिर उस से चुराया नही करते,

उस के इंतज़ार से भला क्या हो गा हासिल,

आने का कह कर भी जो आया नही करते,

रखते हों जो दर्द भरा दिल अपने सीने में,

दूसरों का दिल फिर वो दुखाया नही करते,

दो क़दम साथ चल कर जो जुद्दा हो जाये,

ऐसे लोगों को तो हमसफ़र बनाया नही करते,

किस तरह गुज़रती होगी जिंदगी उन की,

पहली मोहब्बत को जो दिल से भुलाया नही करते !!

Monday, April 11, 2011

" एक पत्थर "

एक पत्थर को यूँ खुदा करके,क्या मिला ऐसा तजुर्बा करके,

दर्द बढ़ता गया दावा करके,लम्हा लम्हा ज़रा ज़रा करके,

बन गयी बद्दुआ ख़ुशी वो ही,जिसको माँगा किये दुआ करके,

ज़ख्म खाए बड़े बड़े हमने,उस से छोटी सी इल्तेजा करके,

ज़िन्दगी आजमाए जी भरके,हम भी निकले है हौसला करके,

रास्ते में यकीन मिला लेकिन,वो भी जाता रहा दगा करके,

सिर्फ यादें  ही हमने पायी है,भूल जाने का फैसला करके,

उसकी राहों का रुख अगर करना,ज़ख्म खाने का हौसला करके,

याद रखना भलाई औरों की,भूल जाना मगर भला करके.

Wednesday, April 6, 2011

" Perfect Friend "


I need a perfect friend
To get me through the day,
Someone who's always there
To say that it's okay.

Without you I don't know where I'd be
But you're still here and an angel to me!
You deserve so much more than I can give
And without you I don't know how I'd live.

I need a perfect friend
For comfort when I'm sad,
Who's there when I am happy,
And there when times are bad.

I need a perfect friend
Who likes me just for me,
Someone to understand
And then just let me be.

I wanted a perfect friend
And I found one in you,
Somebody to support me
In everything I do.

So before it is too late,
One message I must send...
Thanks for everything that you've done,
You are my perfect friend !
 
 

" छिप-छिप अश्रु बहाने वालों "


छिप-छिप अश्रु बहाने वालों
छिप-छिप अश्रु बहाने वालों, मोती व्यर्थ बहाने वालों
कुछ सपनों के मर जाने से, जीवन नहीं मरा करता है |
सपना क्या है, नयन सेज पर
सोया हुआ आँख का पानी
और टूटना है उसका ज्यों
जागे कच्ची नींद जवानी
गीली उमर बनाने वालों, डूबे बिना नहाने वालों
कुछ पानी के बह जाने से, सावन नहीं मरा करता है |
माला बिखर गयी तो क्या है
खुद ही हल हो गयी समस्या
आँसू गर नीलाम हुए तो
समझो पूरी हुई तपस्या
रूठे दिवस मनाने वालों, फटी कमीज़ सिलाने वालों
कुछ दीपों के बुझ जाने से, आँगन नहीं मरा करता है |

खोता कुछ भी नहीं यहाँ पर
केवल जिल्द बदलती पोथी
जैसे रात उतार चाँदनी
पहने सुबह धूप की धोती
वस्त्र बदलकर आने वालों, चाल बदलकर जाने वालों
चँद खिलौनों के खोने से, बचपन नहीं मरा करता है |

लाखों बार गगरियाँ फ़ूटी,
शिकन न आयी पर पनघट पर
लाखों बार किश्तियाँ डूबीं,
चहल पहल वो ही है तट पर
तम की उमर बढ़ाने वालों, लौ की आयु घटाने वालों,
लाख करे पतझड़ कोशिश पर, उपवन नहीं मरा करता है।

लूट लिया माली ने उपवन,
लुटी ना लेकिन गंध फ़ूल की
तूफ़ानों ने तक छेड़ा पर,
खिड़की बंद ना हुई धूल की
नफ़रत गले लगाने वालों, सब पर धूल उड़ाने वालों
कुछ मुखड़ों के की नाराज़ी से, दर्पण नहीं मरा करता है।

Thursday, March 31, 2011

" एक सैनिक की आवाज़ "


एक दिन हम आसमान को धरती पर ला देंगे,
मजबूत हैं कितने हमारे इरादे ये सबको दिखा देंगे,
इस देश की सरहद की तरफ बढ़ेगी जो बाजू,
उसे एक दिन जिस्म से उखाड़ देंगे,
इस देश की अमन चैन शांति को जो भी ललकारेगा,
एक ना एक दिन वो खुद ही हारेगा,
बुराई ना कभी आबाद हुई है ना ही कभी आबाद होगी,
एक दिन मेरे सपनो के भारत की शुरुआत तो होगी,
आतंक के साये तले अभी है हमारी ये खूबसूअरत कश्मीर की वादी,
कभी तो वहाँ फिर अमन चैन और खुशहाली होगी,
रूकने ना पाएंगे अब ये बद्ते हुए कदम,
जब तक है सांस चलती रहेगी आतंक के खिलाफ अपनी ये जंग,
सरहदों से अपनी कभी ऊस पार हम ना जाएंगे,
आएगा जो कभी इस ओर कोई तो उसका नामो निशान मिटा देंगे,
एक दीं आसमान को धरती पर ला देंगे,
मजबूत हैं कितने हमारे हौसले ये सबको दिखा देंगे,
घर घर में शिक्षा का दीप हम जगाएँगे,
हर किसी को शिक्षा मिले ये अपना इरादा है,
अमन चैन शांति कर देंगे हर तरफ एक दिन,
अपना सबसे ये वादा है,राह मुश्किल है मंज़िलें दूर् नही,
आतंक के आगे घुटने टेक दें इतने हम भी कमजोर नही,
हर किसी के चेहरे पर सुकून की मुस्कान ला देंगे,
चाँद सितारों से एक दिन इस धरती को सजा देंगे,
एक दिन आसमान को धरती पर ला देंगे,
मजबूत हैं कितने अपने इरादे ये सबको दिखा देंगे...........!!!!!!!!!!

Monday, March 28, 2011

" आदत होगई "

के तुझ से जुदा होकर भी,
जीने की आदत होगई
तुम लौट के आओगे हमसे मिलने,
रोज़ दिल को बहलाने की आदत होगईतेरे वादे पे किया भरोसा हमने,
शब्-भर तेरा इंतज़ार करने की आदत होगई,ख़ुशी मैं भी हम क्या मुस्कराते के,
तेरी जुदाई मे रोने की आदत होगईकाफिले निकल गए हमें छोड़ के,
अब तो तनहा सफ़र की आदत होगई, हर मोड़ पर मिली गम की पर्छैयाँ,
ज़िन्दगी से समझोता करने की आदत होगई !!!!

Wednesday, March 23, 2011

" तुम नहीं आये........!!!!!!!!

शाम रोज़  जाती है मेरे दरवाजे पर,
मेरी तन्हाई का तमाशा देखने के लिए,
सूरज रोज़ निकल आता है,मुझे उम्मीद दिखाने को,
चाँद भी पन्दरा बीस दिनों तक झलक दिखाता है,आते जाते मौसम जैसे,
वैसे और खोफ भी आते हैं,अंधेरा भी बिसात भर डराता है,
ज़िन्दगी भी दूर खड़ी हंसती है,
कल बारिश ने भी डराया दिया कभी ना बरसने को,
खिजान के पते भी रुस्वायिओं से डरने लगे,
बर्फ तक ने अपनी सर्द बांहों मे पनाह देने को कहा,
सभी आये बारी बारी सिर्फ तुम नहीं आये !!!!