Tuesday, April 26, 2011

" पहली मोहब्बत "

खुवाब झूठे किसी को दिखाया नही करते,

मेरे दोस्त ! यूँ किसी को सताया नही करते,

एक बार यूँ किसी को कह कर अपना,

दामन फिर उस से चुराया नही करते,

उस के इंतज़ार से भला क्या हो गा हासिल,

आने का कह कर भी जो आया नही करते,

रखते हों जो दर्द भरा दिल अपने सीने में,

दूसरों का दिल फिर वो दुखाया नही करते,

दो क़दम साथ चल कर जो जुद्दा हो जाये,

ऐसे लोगों को तो हमसफ़र बनाया नही करते,

किस तरह गुज़रती होगी जिंदगी उन की,

पहली मोहब्बत को जो दिल से भुलाया नही करते !!

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